जरा सी लापरवाही, एक सवाल और अधिकारी ने बढ़ा दिया मर्ज

आपके लिए सबसे बड़ा सवाल – फ्री में मिले तो, क्या आप जहर भी खा लेगे?

न्यूज चक्र, कोटपूतली। बुधवार को कोटपूतली शहर के वार्ड 4 में एक कम्प्यूटर सैंटर के बाहर बीडीएम अस्पताल का बैनर लगाकर रास्ते पर आने जाने वाले लोगों को टोककर उनके ब्लैडप्रेशर (बीपी) और मधुमेह (शुगर) की निःशुल्क जांच की जा रही थी। चूंकि जांच निःशुल्क थी, तो लोग बिना कुछ ना नुकर या पूछताछ किए पास में रखे स्टूल पर बैठ रहे थे, और अपनी जांच करवा रहे थे। आसपास के लोगों के मुताबिक निःशुल्क जांच करने वाले महिला व पुरूष करीब 2 घंटे यहां रूके। इस दौरान किसी को कोई आपत्ति भी नहीं हुई। लेकिन जांच करवाने वालों में चूंकि महिलाओं की संख्या अधिक थी, और जब महिलाओं ने घर पहुंचकर जांच के विषय में परिवारजनों को जानकारी दी, तो कहीं से सवाल उठा कि – जांच करने वाले कौन थे…? …और कहां से थे? कहीं कोई ऐसा गिरोह तो नहीं जो जांच के बहाने बिमारी बांट रहा हो ?

सवाल उठे तो जांच कर्ताओं की जांच शुरू

शाम होते होते सवाल पूरे वार्ड में घूमने लगे तो जांच कर्ताओं की जांच शुरू हो गई। जानकारी न्यूज चक्र तक पहंुची तो सबसे पहले बीडीएम अस्पताल के पीएमओ के.एल.मीणा से जानकारी ली गई। …और इसी जानकारी ने समूचे घटनाक्रम को संदेह के दायरे में खड़ा कर दिया। फोन पर न्यूज चक्र द्वारा जब बीडीएम अस्पताल के पीएमओ के एल मीना से बात की गई तो उन्होंने साफ मना कर दिया कि सरकार की तरफ से ऐसा कोई अभियान या जांच नहीं की जा रही है, साथ ही उन्होंने यह भी कह दिया कि बीडीएम अस्पताल इस तरह फील्ड का काम भी नहीं करता है। फील्ड में जाकर स्वास्थ्य जांच करने का कार्य बीसीएमएचओ आफिस करता है, आप वहां से जानकारी प्राप्त करें।

प्रोग्राम तो है, पर हमारा नहीं

न्यूज चक्र की ओर से बीसीएमएचओ आफिस कोटपूतली में विजय तिवारी को फोन लगाया गया। विजय तिवारी ने जानकारी दी कि एनसीडी प्रोग्राम के तहत 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का बीपी व शुगर की निःशुल्क जांच करवाई जा रही है, लेकिन यह काम अरबन आशाओं व एएनएम द्वारा किया जा रहा है। लेकिन फिलहाल क्षेत्र में ऐसी कोई टीम वर्क नहीं कर रही है। न्यूज चक्र ने जब तिवारी को बुधवार को शहर के वार्ड -4 में लगाए गए इस तरह के कैम्प के बारे में बताया तो, उन्होंने जानकारी में ना होना बताया, साथ ही यह भी बताया कि अगर आशा सहयोगी साथ नहीं है तो कैंप गैर-सरकारी यानी किसी एनजीओ का भी हो सकता है!

हम बाहर जाकर जांच करते ही नहीं


न्यूज चक्र ने मामले की और पड़ताल की तो उक्त कम्प्यूटर सेंटर से वो फोटो उपलब्ध हो गई, जिसमें बनैर लगा हुआ है। …आप देखिए इस बनैर में बीडीएम अस्पताल, कोटपूतली का नाम लिखा हुआ है। इससे यह संभव है कि उक्त जांचकर्ता बीडीएम अस्पताल से ही हो सकते हैं, लेकिन पुष्टि करने की बजाय अभी भी बीडीएम अस्पताल अधीक्षक के एल मीना यही कह रहे हैं एनसीडी प्रोग्राम अस्पताल के कमरा न. 11 में चलता है। बीडीएम अस्पताल की टीम बाहर नहीं जाती। फिर सवाल उठता है कि ये तस्वीरें किनकी हैं…
…और आपके लिए सबसे बड़ा सवाल फ्री में मिले तो, क्या आप जहर भी खा लेगे?

घबरायें नहीं, कर्मचारी बीडीएम के ही हैं

न्यूज चक्र अपने पाठकों के माध्यम से शहर के उन तमाम लोगों को जिनके लिए यह पहेली बना हुआ है कि जांचकर्ता कौन थे, उन सबको आश्वस्त करता है कि जांच कर्ता बीडीएम अस्पताल के ही कर्मचारी है। न्यूज चक्र ने विभाग से इसकी पुष्टि कर ली है। उक्त दोनों कर्मचारी एनसीडी प्रोग्राम का हिस्सा हैं। वैसे बीडीएम अस्पताल के कमरा न. 11 में एनसीडी जांचे होती हैं, आप वहां अपनी जांच करा सकते हैं, यहां आपको एनसीडी प्रोग्राम के बारे में भी पूरी जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।

जानिए क्या है एनसीडी

प्रमुख गैर-संचारी (असंक्रामक) रोगों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए, भारत सरकार, देश भर में सभी राज्यों में जिला स्वास्थ्य समिति (एनपीसीडीसीएस) के माध्यम से राष्ट्रीय कैंसर, मधुमेह, हृदयवाहिनी रोग और स्ट्रोक निवारण और नियंत्रण कार्यक्रम कार्यान्वित कर रही है. इसी प्रोग्राम का हिस्सा है एनसीडी प्रोगाम। इसके तहत प्रत्येक अस्पताल में एक काउन्टर बनाया गया है जहां असंक्रामक रोगों से संबधित मरीजों की जांच की जाती है। स्वास्थ्य सुरक्षा व निजता को ध्यान में रखते हुए आपको नजदीकी सरकारी अस्पताल में ही ये जांचे करवानी चाहिए। अन्यथा ऐसे सवाल और ऐसे अधिकारियों के जवाब आपको परेशान कर सकते हैं।

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