प्रशासन से लिखित समझौते पर नगर पालिका से हटे परिजन, ट्रैक्टर ट्रॉली से महिलाओं के दब जाने का मामला

न्यूज़ चक्र, कोटपूतली। नगर पालिका कोटपूतली दफ्तर के बाहर महिला की डेड बॉडी रखकर परिजनों द्वारा किया जा रहा प्रदर्शन प्रशासन की समझाइश के बाद शांत हो गया। परिजनों का आरोप था कि हादसा नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही के कारण हुआ है, तो नगरपालिका मृतकों व घायलों को मुआवजा प्रदान करें। मौके पर पहुंचे भाजपा के मुकेश गोयल व विधायक राजेंद्र यादव ने परिजनों से समझाइश की। प्रशासन की ओर से ईओ नगर पालिका, डीवाईएसपी सांवरमल नागोरा, एसएचओ रणजीत सिंह मौजूद रहे। जानकारी के मुताबिक प्रशासन ने परिजनों को सात दिवस में नगर पालिका बोर्ड की बैठक आयोजित कर मुआवजा तय करने की बात कही है।

इससे पहले परिजन सैकड़ों की संख्या में लोगों के साथ नगर पालिका दफ्तर के बाहर एंबुलेंस में महिला की डेड बॉडी लेकर पहुंचे थे और नगर पालिका दफ्तर का घेराव कर दिया था। किसी घटना की अनहोनी के चलते प्रशासन की ओर से भी पुलिस बल तैनात हो गया था।

उल्लेखनीय है कि कोटपूतली क्षेत्र में अवैध खनन व ओवरलोड ‘रावण’ से भी बड़ा ‘राक्षस’ बन गया है। जिसकी लगाम खींचने में कोटपूतली प्रशासन के कंधों पर भी भारी जोर आता दिखाई देता है। लोगों में चर्चा रही कि कोटपुतली प्रशासन चौराहे से रेहडियां भगाने में तो सक्षम है लेकिन ओवरलोड डंपर व ट्रैक्टरों को देखकर अपनी आंखें मूंद लेता है। बजरी से भरे हुए ट्रैक्टर हर रोज कोटपूतली चौराहे से होकर गुजरते हैं, अगर कार्रवाई की गई होती तो हादसा टल सकता था।

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