अभिभावकों से ठगी व बच्चों का ‘दम’ घोंट रही ‘शिक्षा’

न्यूज़ चक्र, कोटपूतली। इस विडियो को देखने के बाद आपका मन विचलित हो सकता है। लेकिन हमारा इरादा आपको विचलित करने का नहीं, बल्कि यह बताने का है कि शहर में स्कूली बच्चे, माफ़ कीजियेगा आपके बच्चे कितने सुरक्षित हैं ? यह विडियो यह बता रहा है कि ईमानदारी, नैतिकता और सामाजिकता का पाठ पढ़ाने वाली शिक्षण संस्थाऐं किस तरह से शिक्षा विभाग सहित पूरे प्रशासनिक अमले को ‘ पंग्गू’ बताकर अभिभावकों के विश्वास को ‘ठग’ रही हैं।
इस विडियो में आप देख सकते हैं, एक बंद जीप हैं जिसमें आठ लोगों के बैठने की जगह है, लेकिन संबंधित स्कूल प्रबंधन ने इसे ‘बाल वाहीनी’ बनाकर इसमें 40 से भी ज्यादा बच्चों को ठूंस ठूंसकर भर रखा है।

इस बाल वाहिनी के साथ स्कूल की एक शिक्षिका भी हैं, जो ‘ममता’ शब्द पर पत्थर रखकर जिस तरह से बच्चों को बिठा रहीं हैं, हमारा दावा है अपने खुद के बच्चों को ये इस तरह कभी नहीं बिठाएगीं।

हमारा मकसद किसी एक संस्था पर अंगुली उठाना या हमला करना नहीं है, इसलिए हम यह नहीं बता रहे हैं कि संबंधित वीडियो किस संस्था का है। हम यह चाहते हैं कि आप इस वीडियो को अधिक से अधिक शेयर करें ताकि गहरी नींद में सोया हमारा प्रशासनिक अमला व शिक्षा विभाग इस ओर ध्यान दें। हमारा आपसे व उन अभिभावकों से अनुरोध है जिनके बच्चे स्कूल जाते हैं कि कल एक बार अपने बच्चों की बाल वाहिनी यानी वह वाहन, जिससे वे स्कूल जाते हैं एक बार जरूर देख लें, कहीं आपके बच्चे तो किसी दुर्व्यवस्था का शिकार नहीं हो रहे हैं।

साथ ही हम आपको यह भी बताते चलें कि बच्चों से ऐसे ठसाठस भरे टेंपो, जीप और बसें कोटपूतली, बहरोड़, बानसूर, नारायणपुर कस्बे में सरपट दौड़ते हैं। जिन पर ना पुलिस विभाग की लगाम है, ना परिवहन विभाग की, ना शिक्षा विभाग की और ना ही अभिभावकों की। लेकिन जब कभी कोई हादसा घटित हो जाता है तो हमारे पास सिवाय चर्चा, दलीलें और अफसोस के सिवा कुछ शेष नहीं रह जाता। तो एक जागरूक अभिभावक बनिए और इस समाचार पर अपने विचार व्यक्त करते हुए इसे दूसरों तक शेयर जरूर करिए।

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