अधिकारी खा गए ‘गौरव पथ’, अफसर ने कहा ‘मैं अकेला जिम्मेदार नहीं’

कोटपूतली गौरव पथ का मामला

YouTube पर kot news चैनल पर जारी एक वीडियो में अधिकारी सच कबूलते दिखे।

न्यूज़ चक्र। कोटपूतली। ये तस्वीरें जयपुर जिले की सबसे बड़ी नगरपालिका कोटपूतली में बन रहे गौरव पथ की हैं। नेशनल हाईवे नंबर 8 पर पूतली कट से लेकर नगरपालिका तिराहे तक बन रहे इस गौरव पथ में जहां हाथ रखो, वहीं पर बड़े बड़े जख्म दिखाई देते हैं। यानी कि राजस्थान सरकार की फ्लैगशिप योजना ‘गौरव पथ’ को सरकारी अधिकारी और PWD के ठेकेदार किस तरह पलीता लगा रहे हैं, अगर इसकी बानगी देखनी हो तो आप यहां कोटपूतली में देख सकते हैं। नियम कायदों का ध्यान रखना तो यहां दूर की बात, यहां तो समूचे गौरव पथ का पैमाना ही बदल दिया गया है। सच कहें तो गौरव पथ बनाया ही नहीं गया है अगर कुछ बनाए भी गया है तो केवल कागजों में! और यह केवल हम नहीं कह रहे, खुद इसे बनाने वाले अधिकारी अपनी दबी जुबान से कबूल भी कर रहे हैं, यकीन ना आए तो यह वीडियो देख लीजिए।

आपको यह भी बता दें कि गौरव पथ कस्बे का वही रास्ता है जिस पर एडीजे से लेकर एडीएम, एएसपी ऑफिस, प्रसार भारती, डीटीओ ऑफिस और थाने तक तमाम सरकारी दफ्तर स्थित हैं। इसके बावजूद इस सड़क को बनाने  में इतनी गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं।
इस गौरव पथ की पड़ताल करने जब हमारी मीडिया टीम पहुंची तो सड़क पर ही मैटेरियल पड़ा मिला। बीच सड़क पर रोड़ी-पत्थर पड़े थे, जो हादसों को न्योता दे रहे थे। पीपल जैसे कम कीमत वाले पेड़ों को उखाड़कर सड़क पर ही छोड़ दिया गया था जबकि आरोप है कि शीशम जैसे महंगी लकड़ी वाले पेड़ों को तुरंत उखाड़ कर बेच दिया गया।

सबसे बड़ा मुद्दा जो उभर कर आया, वो था प्रभावशाली लोगों के अतिक्रमण को न हटाना, सड़क की चौड़ाई को छोटा कर देना, नालियों के निर्माण में अनियमितता और डिवाइडर को पहले तो छोटा कर देना और अब दबंगों के दबाव में डिवाइडर के निर्माण से ही पीछे हट जाना।

7 मीटर चौड़ा बनने वाला गौरव पथ कहीं-कहीं तो इतना संकरा है कि एक गाड़ी भी बमुश्किल गुजर पाए। नालियां भी सीधे बनाने के बजाय प्रभावशाली लोगों के अतिक्रमण बचाने के लिए टेढ़ी-मेढ़ी कर दी गई हैं। बिजली के खंभों को भी बीच सड़क पर ही छोड़ दिया गया है।
हैरानी की बात ये है कि मूल रूप में इस गौरव पथ को पूतली कट से नगरपालिका तिराहे तक यानी करीब ढाई किलोमीटर लंबा बनाया जाना था। इसके लिए ढाई करोड़ का बजट पास किया गया था। लेकिन ठेकेदारों और अधिकारियों ने सांठगांठ करके इसको पूतली कट से पंचायत समिति तक यानी डेढ़ किलोमीटर में ही समेट दिया। इस डेढ़ किलोमीटर में आधी से ज्यादा सड़क RUIDP की पहले से बनी डामर वाली सड़क को ही गौरव पथ में शामिल कर लिया। जबकि नियमानुसार गौरव पथ में सीसी सड़क का निर्माण किया जाना चाहिए।
मीडिया की टीम जब PWD अधिकारियों से इसका जवाब मांगने पहुंची तो अधिकारी कैमरे से बचकर भागने लगे और जो मिले तो बार-बार कैमरा बंद करने पर अड़े रहे। एक अधिकारी ने तो इशारों-इशारों में यह भी बता दिया कि कैसे गौरव पथ के लिए आए पैसों में ऊपर तक कमीशन पहुंचाया गया है। आपको यकीन नहीं होगा आप यह वीडियो देखिए।
अब यह आपको तय करना है कि करना क्या है, अगर चाहते हैं कि ऐसे भ्रष्टाचारियों की करतूतें सरकार तक पहुंचे तो समाचार को शेयर करना ना भूलें। आपके पास भी अगर कोई समाचार है तो हमें WhatsApp करें 9887 2433 20 पर।
विशेष रिपोर्टिंग- पत्रकार महेंद्र सैनी एवं अमित यादव कोटपूतली। (साभार)।

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