इमरजेंसी में नहीं मिले डॉक्टर, महिला की मौत, मचा बवाल

कोटपूतली। कस्बे के राजकीय बीडीएम अस्पताल में ईलाज के दौरान चिकित्सकों की लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टर नहीं होने से एक अधेड़ महिला की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद गुस्साये परिजनों व आक्रोशित भीड़ ने नर्सिंग कर्मी व चिकित्सक की पीटाई कर दी।

मृतक महिला के पुत्र राजेश ने जानकारी देते हुए बताया की बुधवार शाम करीब तीन बजे उसकी मां मुन्नी देवी पत्नी रमेश चन्द दर्जी निवासी वार्ड नं. 23 मौहल्ला बड़ाबास की अचानक तबीयत बिगड़ गई जिसे वह यहां के राजकीय बीडीएम अस्पताल कि अमरजेन्सी वार्ड में लेकर पहुंचे। आरोप है कि उस वक्त अस्पताल के अमरजेन्सी वार्ड में एक कम्पाउन्डर श्रीराम गुर्जर के अलावा एक भी चिकित्सक मौजुद नही था। यह भी आरोप है कि उसकी मां कि तबियत अधिक बिगड़ती देख उसने नर्सिंग कर्मी को बार-बार चिकित्सक को बुलाने की गुहार की लेकिन नर्सिंग कर्मी ने उसे व उसकी मां को धमकाते हुए बिना चिकित्सक की सलाह के ही एक इंजेक्शन लगा दिया। जिससे उसकी मां की तबीयत और अधिक बिगड़ गई और देखते ही देखते उसकी मां की मौत हो गई ।

महिला की मौत के बाद अस्पताल परिसर में काफी हगांमा भी हुआ और बड़ी संख्या में लोग इक्ट्ठा हो गये। और परिजनों सहित आक्रोशित भीड़ ने चिकित्सक व नर्सिंग कर्मी के साथ धक्का मुक्की की। घटनाक्रम की सुचना पर अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. रतिराम यादव सहित अन्य चिकित्सक व थाना प्रभारी रविन्द्र प्रताप मय जाप्ता मौके पर पहुंचे और काफी समझाईस करते हुए मामला शांत करवाया। वहीं महिला के शव को पोस्मार्टम के लिए निम्स अस्पताल के मुर्दा घर में रखवाया है।

हालांकि समाचार लिखे जाने तक इस सम्बन्ध में थाने में मामला दर्ज नही हुआ। वहीं मामले को लेकर अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. रतिराम यादव ने जानकारी देते हुए बताया की अमरजेन्सी वार्ड में तैनात गाईनोलोजिस्ट महिला चिकित्सक ब्रजबाला गुप्ता लेबर रूम में डीलेवरी केस को हैडल करने गयी थी। इसी दौरान महिला को डीलेवरी हो गई। जिस कारण प्रसव के दौरान महिला को छोड़कर आना मुमकिन नही था। नर्सिंग कर्मी पर लगे आरोप पर उन्होंने कहा की मरीज के आते ही स्टाफ ने उसे ड्रीप लगा दी थी । लेकिन महिला को हार्टअटेक का दौरा पड़ा था। ऐसे केस में बचने के बहुत ही कम चान्स होते है। पीएमओ ने यह भी बताया है कि कुछ लोगों ने अपनी राजनीति को चमकाने के लिए मामले को तूल दिया है । जिसके चलते आक्रोशित लोगों ने स्टाफ के साथ हाथ पाई की है। जो गलत है।

रिपोर्ट- अनिल शर्मा, कोटपूतली।

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