केंद्र की सौगात- कोटपूतली भारतमाला योजना में शामिल, एनएचएआई द्वारा एनएचआरसी को भेजी गई रिपोर्ट से हुआ खुलासा

31 सूत्रीय माँगों को एनएचआरसी के आदेशानुसार एनएचएआई ने की बिंदुवार रिपोर्ट प्रस्तुत
 न्यूज चक्र। कोटपूतली। नेशनल हाईवे के निर्माण में हो रहे विलम्ब, आये दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं तथा हाईवे की तकनीकी विसंगतियों के कारण राष्ट्र को हो रही अपार जनधन हानि को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता नित्येन्द्र मानव ने कुछ दिनों पूर्व नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन के समक्ष नेशनल हाईवे से सम्बन्धित 31 सूत्रीय मांगों को लेकर एक जनहित याचिका दायर की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए एनएचआरसी ने एक वर्ष की समय अवधि के अंदर ही एनएचएआई से बिंदुवार रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। जिस पर कार्यवाही करते हुए एनएचएआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने कोटपुतली में बाईपास सड़क सम्बन्धी निर्माण कार्य को भारतमाला परियोजना में शामिल कर लिया गया है। जिस पर नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।

भारतमाला योजना के तहत क्षेत्रवासियों को सड़क परिवहन से सम्बंधित अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जायेगीं। नित्येन्द्र मानव ने बताया कि भारतमाला परियोजना एक राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना है। जिसे हाल ही में मोदी सरकार द्वारा शुरू किया गया है। इस योजना के तहत नए राजमार्गों के निर्माण के अलावा उन परियोजनाओं को भी पूर्ण किया जाएगा जो अब तक अधूरी हैं।

इस योजना में बॉर्डर और इंटरनेशनल कनेक्टिवाले डवलेपमेंट प्रोजेक्ट्स को शामिल किया गया है। बंदरगाहों और नेशनल रोड़, नेशनल कोरिडोर्स को विकसित कर उसे ज्यादा बेहतर बनाना भी प्रोजेक्ट में शामिल है। इसके अलावा भारतमाला परियोजना के तहत बैकवर्ड एरिया, धार्मिक और पर्यटक क्षेत्रों को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे भी बनाये जाएंगे। साथ ही चार धाम केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री की कनेक्टिविटी बेहतर की जाएगी। यह कार्यवाही नित्येन्द्र मानव द्वारा लम्बे समय से कोटपुतली क्षेत्र में हाईवे की बदतर स्थिति में सुधार लाये जाने की माँग को गंभीरता से लेते हुए एनएचएआई द्वारा की गई है।

एनएचएआई ने सभी अनऑथराइज्ड कटों को सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण मानते हुए शीघ्र ही बंद किये जाने की बात कही है। एनएचएआई ने एनएचआरसी के निर्देशानुसार हाईवे के ऊपर तथा हाईवे पर बनी पुलियाओं के नीचे रहने वाली गंदगी और वर्षा के समय में पानी भरने की समस्या का स्थायी सामाधन करने का आश्वासन दिया है।
हाईवे पर बनेंगे 21 फुट ओवरब्रिज- नेशनल हाईवे क्रॉस करने में आने वाली समस्या के समाधन को लेकर एनएचआरसी द्वारा निर्देश दिए जाने पर एनएचएआई ने एनएचआरसी को भेजी रिपोर्ट में शीघ्र ही 21 फुट ओवरब्रिज बनाये जाने की बात कही है।
मनोहरपुर और दौलतपुर टोल प्लाजाओं का होगा विस्तार- मनोहरपुर और दौलतपुर टोल प्लाजाओं पर आये दिन लगने वाले जाम से आमजन को होने वाली समस्याओं को लेकर एनएचआरसी द्वारा दिये गए निर्देशों की पालना में एनएचएआई ने अपनी रिपोर्ट में मनोहरपुर टोल प्लाज को 26 लेन का और दौलतपुरा टोल प्लाज को 16 लेन का बनाये जाने की बात कही है।
सम्पूर्ण हाईवे के मध्य और समानांतर लगेंगी रेलिंग-अनऑथराइज्ड क्रोसिंग और आये दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाने को लेकर एनएचआरसी द्वारा दिये गए निर्देशों की पालना में एनएचएआई ने हाईवे के मध्य और हाईवे के समानांतर स्टील रेलिंग लगवाने की बात कही है।
सभी टोल प्लाजाओं पर लगेंगे इलेक्ट्रॉनिक वे ब्रिज-ओवरलोड परिवहन पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने को लेकर एनएचआरसी द्वारा दिये गए निर्देशों की पालना में एनएचएआई ने कहा कि हाईवे पर स्थित प्रत्येक टोल प्लाजाओं पर इलेक्ट्रॉनिक वे ब्रिज बनाये जाएंगे।
हाईवे के मध्य वृक्षारोपण का कार्य हुआ पूर्ण-एनएचआरसी द्वारा हाईवे के मध्य वृक्षारोपण करवाये जाने की माँग को लेकर एनएचएआई ने अपनी रिपोर्ट में हाईवे के मध्य वृक्षारोपण सम्बन्धी कार्य पूरी तरह पूर्ण होने की बात बताते हुए वन विभाग से समन्वय कर भविष्य में हाईवे के दोनों तरफ वृक्षारोपण करवाया जाना स्वीकार किया है।
95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण होना बताया- एनएचएआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि गुड़गाँव-जयपुर छः लेनिकरण सम्बन्धी परियोजना का 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। जिसे अप्रैल 2018 के अंत तक पूरा कर लिए जाने का दावा किया है।
नालियों को ढकने और साफ सफाई के दिये निर्देश-याचिका में हाईवे के समानांतर बने नालों के अस्त व्यस्त स्थिति में खुले पड़े रहने, हाईवे पर मिट्टी और मृत व घायल पशुओं के पड़े रहने की शिकायत की जाने पर एनएचएआई ने हाईवे पर संकेतक बोर्ड लगाने, सभी नालियों को ढकने, मृत और घायल पशुओं को अविलंब हटाने तथा साफ सफाई रखने के सख्त निर्देश दिए हैं।
वन टाइम फण्ड इन्फ्यूजन के तहत करवाया जाएगा- वन टाइम फण्ड इन्फ्यूजन योजना के तहत अधूरे पड़े निर्माण कार्यों में लगने वाली कुल राशि अब सरकार द्वारा इस योजना के पेटे राजकीय कोष से अब स्वयं के पास अलग से रिजर्व में रख ली गई है। जैसे जैसे योजना निर्माण कार्य होंगे वैसे केंद्र सरकार निर्माण कार्य का मूल्यांकन कर निर्माण कर्ता कम्पनी को राशि का भुगतान करती रहेगी। इस तरह अब राशि के अभाव में हाईवे का निर्माण कार्य नही रुकेगा। गौरतलब है कि लगभग एक पूर्व भी सामाजिक कार्यकर्ता नित्येन्द्र मानव द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए एनएचआरसी ने एनएचएआई को मानेसर, धारूहेड़ा, कोटपुतली, पावटा, शाहपुरा, मनोहरपुर में बाईपास सड़कें बनाने का आश्वासन दिए जाने के साथ साथ और भी बहुत सी समस्याओं के समाधान को एनएचएआई द्वारा लिखित में दिया गया था। लेकिन किसी भी प्रकार की कोई प्रभावी कानूनी कार्यवाही नहीं होने पर नित्येन्द्र मानव ने एक बार पुनः 3 माह पूर्व एनएचआरसी के समक्ष उपस्थित होकर जनहित याचिका दायर की थी। जिसको लेकर एनएचआरसी द्वारा एनएचएआई को बिंदुवार रिपोर्ट प्रस्तुत किये जाने को लेकर ये आदेश दिए थे। साथ इन्हीं 31 सूत्रीय माँगों को लेकर नित्येन्द्र मानव द्वारा सुप्रिम कोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की गई है। जिस पर शीघ्र ही सुनवाई होने वाली है।
जाम से निपटने का दिया आश्वासन लेकिन हर रोज लगता है जाम- 

एनएचएआई ने अपनी रिपोर्ट में जाम सम्बन्धी समस्या से निपटने के लिए हर प्रकार की व्यवस्था होने का हवाला देते हुए जाम ना लगने देने की बात कही है। जबकि हाईवे पर अव्यवस्थित तरीके से चल रहे निर्माण कार्यों व अन्य अव्यवस्थाओं के चलते प्रतिदिन भयंकर जाम की स्थिति बनी रहती है। जिस कारण लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

हाईवे की सीमा में शराब की दुकान तथा संकेतक बोर्ड ना होने का भी किया दावा- एनएचएआई ने अपनी रिपोर्ट में हाईवे से निर्धारित दूरी में कोई भी शराब की दुकान अथवा दुकान सम्बन्धी संकेतक बोर्ड नही लगे हुए होने का दावा किया है। जबकि हाईवे पर शराब की दुकानों और बोर्डो को देखा जा सकता है।
सुविधाओं में किसी भी प्रकार की नहीं हुई वृद्धि- जब हाईवे फोर लेन का हुआ करता था। तब प्रत्येक दो किलोमीटर पर एक टेलीफोन बूथ और 13 किलोमीटर पर फैसिलिटी सेंटर्स हुआ करते थे। लेकिन छः लेन परियोजना शुरू किए जाने के दौरान हटाये गए टेलीफोन बूथों फैसिलिटी सेंटर्स का निर्माण किये जाने को लेकर कोई कार्यवाही शुरू नहीं की गई है और ना ही क्रेन एम्बुलेन्स की संख्या में वृद्धि किये जाने को लेकर रिपोर्ट में कोई बात कही गई है।
फायर ब्रिगेड को बताया करार से बाहर- याचिका में हाईवे पर फायर ब्रिगेड की सुविधा उपलब्ध करवाये जाने सम्बन्धी बिंदु को एनएचएआई और निर्माणकर्ता कम्पनी पीसीपीएल के मध्य हुए समझौते में शामिल ना होना बताकर हाईवे पर फायर ब्रिगेड सम्बन्धी सुविधा उपलब्ध करवाये जाने से साफ मना किया है। जबकि हाईवे पर प्रतिवर्ष सैकड़ों वाहन सड़क दुर्घटनाओं के दौरान जलकर राख हो जाते हैं साथ ही अनेकों लोगों की जलने से मृत्यु हो जाती है।
पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने को लेकर नहीं की स्थिति स्पष्ट- पूर्व में सड़क दुर्घटना होने के दौरान घायल लोगों का ईलाज एनएचएआई द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के तहत निःशुल्क करवाया जाता था। लेकिन केंद्र सरकार द्वारा इस प्रोजेक्ट को 2016 में ही बन्द कर दिए जाने के कारण दुर्घटनाग्रस्त लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। याचिका में इसे पुनः शुरू किए जाने की माँग की गई थी। लेकिन इस बारे में भी एनएचएआई द्वारा कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया है।
2022 तक भी नहीं सुधरेगें हाईवे के हालात- नित्येन्द्र मानव ने बताया कि यह परियोजना 3 अप्रैल 2009 में शुरू हुई थी जिसे 01 अक्टूबर 2011 तक पूर्ण किया जाना था। जो एनएचएआई और पीसीपीएल कम्पनी द्वारा बरती गई घोर लापरवाही के चलते अब तक भी पूर्ण नहीं हो पाई है। हाल ही में जनभवनाओं के अनुरूप राजमार्ग मंत्रालय द्वारा और भी बहुत से कार्य स्वीकृत किये हैं। जिन्हें पूर्व में जनभावनाओं व जाँच रिपोर्टों को नजरअंदाज करते हुए एनएचएआई अधिकारियों ने निर्माण कम्पनी के इशारे पर डिलिंक कर दिए गए थे। जन आंदोलनों के चलते अब उन्हें भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इसलिए अब उनका भी निर्माण होना शेष है। जो 2022 के अंत तक किसी भी स्थिति में पूर्ण नही होंगे। इस प्रकार अभी लगभग 4 साल और हाईवे पर अव्यवस्थाओं की भरमार रहेगी।
सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होती हैं गुड़गाँव- जयपुर हाईवे पर- सामाजिक कार्यकर्ता नित्येन्द्र मानव ने बताया कि गुड़गाँव-जयपुर हाईवे पर सबसे ज्यादा ब्लैक स्पॉट हैं। जिस कारण प्रतिदिन सड़कों दुर्घटनाओं के होने से देश को भारी जनधन की हानि हो रही है।

रिपोर्ट- मयंक शर्मा, कोटपूतली।

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